Sunday, 5 May 2024

tum jo mil gaye ho guitar chords with open chords

गाना / Title: तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है, के जहाँ मिल गया - tum jo mil gae ho, to ye lagataa hai, ke jahaa.N mil gayaa

चित्रपट / Film: हसते ज़ख्म-(Hanste Zakhm)

संगीतकार / Music Director: मदन मोहन-(Madan Mohan)

गीतकार / Lyricist: कैफ़ी आज़मी-(Kaifi Azmi)

गायक / Singer(s): लता मंगेशकर-(Lata Mangeshkar),  मोहम्मद रफ़ी-(Mohammad Rafi)

 तुम जो मिल गए हो तो ये लगता है के जहाँ मिल गया

Cmaj Gmaj एक भटके हुए राही को कारवाँ मिल गया

बैठो न दूर हमसे, देखो खफ़ा न हो(Dmaj Gmaj)
क़िस्मत से मिल गए हो, मिलके जुदा न हो(Cmaj Amin)
मेरी क्या ख़ता है, होता है ये भी(Amaj)
की ज़मीं से आसमां मिल गया, तुम .(Dmaj Amaj)
 तुम जो मिल गए हो तो ये लगता है के जहाँ मिल गया(Dmaj, Gmaj Amaj Dmin)

तुम क्या जानो तुम क्या हो, एक सुरीला नग़्मा हो
भीगी रातों में मस्ती, तपते दिल में साया हो
अब जो आ गए हो जाने न दूंगा
की मुझे इक हसीन मेहरबाँ मिल गया, तुम ...

तुम भी थे खोए खोए, मैं भी बुझा-बुझा
था अजनबी ज़माना अपना कोई न था
दिल को जो मिल गया है तेरा सहारा
इक नई ज़िंदगी का निशां मिल गया, तुम ...

Thursday, 20 April 2023

Kaun Mera Chords lesson - Special 26 movie

Capo - 2nd Fret
Song by Papon 

Strumming pattern is
Ddd Ddd

(C) Kaun mera, (Am) mera
(C) Kya tu laage
(C) Kyun tu baandhe, (Am) man ke
(C) Man se dhaage
(Am) Bas chale naa (Em) kyun mera
(G) Tere (F) aage

(C) Kaun mera, (Am) mera
(C) Kya tu laage
(C) Kyun tu baandhe, (Am) man ke
(C) Man se dhaage

(C) Dhoond hi (G) loge tum mujhe
(Am) Har jagah ab (G) to, (C) mujhko khabar hai
(C) Ho gaya hun (G) tera jab se
(Am) Main hawa mein (G) hoon, (C) tera asar hai

Tere (Em) paas hoon, (F) ehsaas mein
Main (G) yaad mein (F) teri
(Em) Tera thikana (F) ban gaya
Ab (G) saans mein (C) meri

(C) Chod kar na (G) tu kahin bhi
(Am) Door ab (G) jaana, (C) tujhko kasam hai
(C) Saath rehna (G) jo bhi hai tu
(Am) Jhooth ya sach (G) hai, (C) ya bharam hai

(Em) Apna banaane (F) ka jatan
Kar (G) hi chuke ab (F) to
(Em) Baiyan pakad kar (F) aaj chal
Main (G) du bata (C) sabko

(C) Kaun mera, (Am) mera
(C) Kya tu laage
(C) Kyun tu baandhe, (Am) man ke
(C) Man se dhaage

(Am) Bas chale na (Em) kyun mera
(G) Tere (F) aage

(C) Kaun mera, (Am) mera
(C) Kya tu laage
(C) Kyun tu baandhe, (Am) man ke
(C) Man se dhaage


Sunday, 26 March 2023

गुटका खाने के फायदे

 गुटका खाने के फायदे



 

हमारा हाल मत पूछो भैया

सरलों हाथी तऊ नौ लाखी

बात में हमारे कट्टा पिस्टल तो आम बात है, साला गले में गमछा और हाथ मे बुलेट और मुंह मे से जब रजनीगंधा की पिचकारी सर्र से मरते है न तो ओय होय पूछो मत मज़ा ही जाता है l

हम लोगों को देख के त भैस भी ससुरी शरमा जात है l

रामखेलावन के त एक दिन भूटेली की भाइसिया तोरायके दौराय लिहिस,

कहीस हमका बिरावत हवा, ससुर के नाती आवा आज पगुरी भुलय देव तोहके

न रही बास न बजी बसूरियाँ

दिन भर पगुरी, दिन भर पगुरी

दांत का white वाला कलर हम लोगों को पसंद नहीं है हम लोग थोड़ा योद्धा टाइप मैन है ना तो थोड़ा जब तक दातों में खून वाला रंग ना रहे मज़ा ही नहीं आता l

आर्ट तो हमारे खून-खून  में ही नहीं मुंह- मुंह मे भरा रहता है, जब भी कभी मौका मिलता है पिच्च से लाल रंग से चित्रकारी कर देते है और वो भी बिना किसी भेद भाव के चाहे सड़क हो या दीवाल हो या किसी की गाड़ी हो, सबकी छोड़ो अपनी गाड़ी को भी हम लोग बिना रंगे छोड़ते नहीं है

होली तो हम लोगों का पसंदीदा त्योहार है इतना जायद पसंद है की पूरे साल हम लोग खेलते है

वैसे भी आप सभी को बता दे गुटके मे विटामिन c पाया जाता है  इसको खाने पर दांत भले खराब हो जाए लेकिन चेहरे पर एक अलग किस्म का ग्लो आप साफ़ देख सकते है l और ना खाओ तो ससुरा लोग हल्का भी लेने लगते है सोचते है की हम साला कहीं और से आए है क्या ?

लोगों को जब देखो सिर्फ बुराई करते रहते हैं इसका भी अपना अलग लेबेल का ही फायदा है l हम लोगों में गुटका खाने के बाद एक अलग ही लेबल का धैर्य देख सकते है आप कितना भी खरी खोटी सुनाए कितना भी हमे उकसाए जब तक गुटका मुंह मे है हम सारी बात मुस्कुरा कर टाल जाएंगे l

किसी के कटु बचन की इतनी वैल्यू नहीं की उसके लिए हम अपना 5 रुपये का गुटका थूक दे, गजब का अर्थशास्त्री हमारे अंदर सजीव हो उठता है गुटका खाने के बाद

लालच से कोसों दूर हो जाते है हम मेवा मिश्री की छेना बर्फ़ी सब फीके है इसके आगे

संबंधों की असली पहचान हमे यही से तो होती है कोई काम नहीं आता क्या माई क्या मेहरी

सब लोगों ने कसम दे के देख लिया लेकिन वही ढाँक के तीन पात

हमने  भी साफ साफ कह दिया गुटका नहीं छोड़ सकत है हम चाहे प्राण काहे ना छूट जाए

“रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाई पर गुटका ना जाई”

हमलोग कैंसर से समझौता कर सकते है, मुंह के पचास रोगों से समझौता कर सकते है, लेकिन गुटका से

कत्तई नहीं l  

वैसे तो हम आदती नहीं है, जब चाहे छोड़ सकते है लेकिन जब पकड़ लिए तो पकड़ लिए आखिर शौक भी कोई चीज होती है l यही तो हमने सीखा है पहले पकड़ते नहीं, और अगर पकड़ लिए तो फिर छोड़ते नहीं l अरे जब शाहरुख कहाँ और अजय देवगन नहीं छोड़ पाए और नहीं तो अक्षय कुमार को भी अपने टीम मे शामिल कर लिए तो और सबकी बाते छोड़ो भैया

ऊंचे लोग ऊंची पसंद

जिन लोगों को नीचे बने रहना है जाओ बनो

हम तो ऊंचे ही रहेंगे 

Thursday, 23 February 2023

क्या आप एक ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं ????????

 एक ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं और शायद इसे व्यवसाय में भी विकसित करना चाहते हैं? महान विचार! लेकिन, आपको किस बारे में लिखना चाहिए? इस ब्लॉग पोस्ट में, मैं आपके नए ब्लॉग के लिए सही जगह खोजने में आपकी मदद करूँगा।



600 मिलियन से अधिक ब्लॉग के साथ, कोई भी विश्वास के साथ कह सकता है: विश्व के दर्शकों के बीच ब्लॉग की भारी मांग होनी चाहिए।


दरअसल, 77% इंटरनेट उपयोगकर्ता ब्लॉग पढ़ते हैं। यह मुझे आश्चर्य नहीं करता। लोग हर दिन Google पर निर्देश देख रहे हैं कि Google पर चीजें कैसे करें और ब्लॉग उनकी समस्याओं का एक अच्छा समाधान है।


लोग विभिन्न कारणों से ब्लॉग शुरू करते हैं। कुछ ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लिखना पसंद है, वे अपनी विशेषज्ञता साझा करना चाहते हैं, या किसी ऐसी चीज़ पर ध्यान देना चाहते हैं जिसकी उन्हें परवाह है। लेकिन अधिकांश ब्लॉगर ऑनलाइन उद्यमी हैं और वे ब्लॉग इसलिए बनाते हैं क्योंकि यह उनके लिए पैसे कमाने का एक तरीका है। वास्तव में, कई बहु-मिलियन व्यवसाय एक ब्लॉग के रूप में शुरू हुए: एक ऑनलाइन शिक्षा कंपनी कॉपीब्लॉगर, एक ग्राफिक डिजाइन मार्केटप्लेस 99Designs, वेब एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर किसमेट्रिक्स, एक ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस Groupon।


यदि कोई ब्लॉग मूल्यवान जानकारी प्रदान करता है, तो यह बड़ी मात्रा में खोज ट्रैफ़िक ला सकता है। और जब दर्शक होते हैं, तो कमाई करने का अवसर हमेशा होता है। एक ब्लॉग एक ऐसे स्थान के रूप में विकसित हो सकता है जहाँ आप भौतिक या डिजिटल उत्पाद, परामर्श सेवाएँ और ऑनलाइन पाठ्यक्रम बेच सकते हैं।


और अब, आइए जानें कि आपको किस बारे में लिखना चाहिए।



आप कैसे तय करते हैं कि किस बारे में ब्लॉग करना है?


वहाँ कई ब्लॉगिंग निचे हैं, और आप सचमुच किसी भी चीज़ के बारे में एक ब्लॉग शुरू कर सकते हैं। तो यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं कि आप अपना विषय कैसे चुनें।


1. ब्लॉग आला विचारों पर खूब मंथन करें


भोजन, यात्रा, स्वास्थ्य, आत्म-सुधार, प्रौद्योगिकी, वित्त - अपने दिमाग में आने वाली हर चीज को लिख लें और फिर उन विचारों को काट दें जिनमें आपकी वास्तव में रुचि नहीं है। आप एक ऐसा विचार चुनना चाहते हैं जो आपको वर्षों तक प्रेरित करता रहे। आने के लिए, कुछ ऐसा जिससे आप चिपक सकते हैं।


याद रखें: आपको इस विषय का विशेषज्ञ होने की आवश्यकता नहीं है। ब्लॉगिंग कुछ ऐसा सीखने का एक शानदार तरीका है जिसे आप हमेशा से एक्सप्लोर करना चाहते थे।



2. इस बारे में सोचें कि आप अपने ब्लॉग से किस तक पहुंचना चाहते हैं


दूसरे शब्दों में, अपने दर्शकों को परिभाषित करें। यहाँ विशिष्ट रहें। यदि आप यात्रा के बारे में एक ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं, तो परिभाषित करें कि आप किस प्रकार के यात्रियों तक पहुँचना चाहते हैं। व्यापार यात्री? हॉलिडेमेकर्स? सांस्कृतिक यात्री? बैकपैकर्स? एक सीमित ऑडियंस चुनें — इससे आपको अन्य ब्लॉगों से अलग दिखने में मदद मिलेगी।


ध्यान रखें कि आपके सीमित दर्शक अभी भी काफी बड़े होने चाहिए, अन्यथा ब्लॉग शुरू करने का कोई मतलब नहीं है - यह कोई ट्रैफ़िक नहीं लाएगा।


यह जांचने का एक अच्छा तरीका है कि आपने अच्छी ऑडियंस चुनी है या नहीं, अमेज़ॅन पर पुस्तकों और उत्पादों और Google पर विज्ञापनों पर शोध करना है:


पुस्तकें --- अपने niche  से संबंधित पुस्तकों की तलाश करें और देखें कि उनकी कितनी review  हैं।


उत्पाद -- आपको अपने पाठकों के लिए लक्षित उत्पादों को भी देखना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आपने अपने दर्शकों के रूप में बैकपैकर्स को चुना है, तो देखें कि क्या अमेज़ॅन के खोज बार में "बैकपैकर्स" टाइप करने पर अमेज़ॅन प्रासंगिक उत्पाद प्रदान करता है। बहुत सारे उत्पाद भुगतान करने वाले दर्शकों का संकेत हैं। यदि आप सहबद्ध कार्यक्रमों में भाग लेना चुनते हैं तो ये उत्पाद आपकी आय का स्रोत भी बन सकते हैं।


गूगल विज्ञापन ----- Google आपके दर्शकों का मूल्यांकन करने का एक और अच्छा तरीका है। अपने कुछ आला शब्दों और संबंधित खोजशब्दों को Google में टाइप करने का प्रयास करें और देखें कि क्या कोई विज्ञापन दिखाई देता है। अगर विज्ञापन हैं, तो एक अच्छा बाजार है।


3. अपने niche को कम करें 

वहाँ बहुत सारे ब्लॉग हैं। उनमें से कई बहुत लंबे समय से मौजूद हैं, इसलिए आपके द्वारा चुनी गई जगह सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी होगी। इसलिए आपको कुछ ज्यादा ही केंद्रित होकर शुरुआत करनी चाहिए। हो सकता है कि "वित्त" के बजाय आप "ऋण से बाहर निकलना" या "वित्तीय अतिसूक्ष्मवाद" जैसा ब्लॉग आला चुन सकते हैं। और "वजन घटाने" के बजाय आप "आंतरायिक उपवास" चुन सकते हैं। कुछ छोटे से शुरू करें। आप हमेशा स्केल कर सकते हैं यह भविष्य में।


यदि आपको संदेह है, तो Google ट्रेंड्स आज़माएँ।


मान लीजिए कि आप डाइट के बारे में एक ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं। आपके संकीर्ण विचार हैं कीटो डाइट, पेलियो डाइट और इंटरमिटेंट फास्टिंग। इन शब्दों को Google रुझान में टाइप करें:


ये रहा: आंतरायिक उपवास शायद आपके ब्लॉग के लिए सबसे अच्छा विचार है - यह तीनों में सबसे लोकप्रिय खोज शब्द है, और यह ऊपर की ओर चल रहा है। पेलियो डाइट सबसे कम लोकप्रिय है, इसलिए ब्लॉगिंग के नजरिए से यह सबसे कम दिलचस्प जगह है।

4. keyword खोज मात्रा की जाँच करें

कीवर्ड सर्च वॉल्यूम यह देखने का एक और तरीका है कि आपके द्वारा चुना गया आला लोकप्रिय है या नहीं। KWFinder, Moz, Ahrefs, Wordtracker, Ubersuggest, Semrush, और अन्य जैसे कीवर्ड रिसर्च टूल का उपयोग करके आप अपने आला से संबंधित कीवर्ड के लिए मासिक खोज मात्रा का अनुमान लगा सकते हैं।

उदाहरण के लिए, मान लें कि आप सचेतनता के बारे में एक ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं। यहां इस आला से संबंधित कितने कीवर्ड खोजे गए हैं:

"माइंडफुलनेस" शब्द की यूएस में 12,100 मासिक खोजें हैं:


  1. mindfulness meditation - 1900 KV
  2. mindful eating - 590 KV
  3. mindfulness-based stress reduction - 590 KV
  4. mindfulness practices - 390  KV

जैसा कि आप देख सकते हैं, यह एक बहुत लोकप्रिय niche है, लेकिन बहुत प्रतिस्पर्धी भी है। उस ने कहा, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको दिमागीपन के बारे में ब्लॉग शुरू नहीं करना चाहिए। यदि आप चाहते हैं, तो आपको निश्चित रूप से करना चाहिए!


5. अपने उद्योग में trends की खोज करें:-

जब आप अपने दर्शकों का पता लगा लेते हैं और अपने niche को कम कर लेते हैं, तो आपको कुछ प्रवृत्तियों, गर्म विषयों और चुनौतियों की खोज करने की आवश्यकता होती है, जिन पर आप अपने लेखन पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। अपने उद्योग में सबसे लोकप्रिय ब्लॉग खोजें और देखें कि वे क्या प्रकाशित कर रहे हैं। आप यह जानने के लिए Facebook पर कुछ समूहों पर शोध भी कर सकते हैं कि वर्तमान में क्या चर्चा हो रही है और आपके क्षेत्र के लोग किन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इन सभी विचारों को लिख लें। आपको अपनी सामग्री योजना के लिए उनकी आवश्यकता होगी।



Saturday, 11 February 2023

कैसे बचे fraud से

आजकल सबसे बड़ी problem है की सबके साथ बहुत ज्यादा ही fraud हो रहा है। है व्यक्ति परेशान है डरा हुआ है की कही उसके साथ कोई fraud ना हो जाए। 
एक वक्त था जब लोग चोर से डरते थे डाकू से डरते थे लोग सोचते थे की कही इनसे सामना ना हो जाए और अब तो ये डर और भी वाजिब हो गया है क्योंकि पहले चोर और डाकू को सामने आना पड़ता था लूटने के लिए but आजकल के दौर में चोर और डाकू को सामने भी आने की जरूरत नहीं और वो आपका कीमती सामान कीमती पैसा लूट कर निकल जायेंगे


और इनका सबसे बड़ा शिकार कोई भी हो सकता है पैसे वाला भी गरीब भी लेकिन इनका शिकार सबसे पहले वो होते है जो इनके frauding के स्टाइल को नही जानते 
सबसे ज्यादा शिकार इनका सामान्य लोग है जिन्हे ये भी पता नही की इस तरह भी कोई लूट हो सकती है। 
 तो अहम सवाल है की इस प्रकार के fraud से या इस प्रकार की लूट से कैसे बचा जा सकता है 
जी हां बचा जा सकता है बेशक, और ये सब आप सबके स्वयं के हाथ में है और वो समाधान है आपकी जानकारी
जिन जिन प्रकार से fraud होता है अगर आपको उनके बारे में पता हो तो आपके साथ fraud होने के चांसेज बहुत ही कम हो जाते है। क्योंकि जब आप जानते है तो आपको उल्लू बनाना थोड़ा मुश्किल होता है। 
मैं हमेशा से सोचता था की समाज की मैं किस प्रकार से सहायता कर सकता हूं। और मुझे लगा की मैं आपको लोगो को हर प्रकार से fraud होने वाली घटना से अवगत कराकर, उनके बारे में बता कर आप सभी को सावधान कर सकता हूं। और chat के through भी सुविधा प्रोवाइड करके आप सबको एक फेयर डिसीजन दे सकू ताकि आप होने वाले fraud से बच सके। 
मैं कमलदीप रघुवंशी आपको ऐसे ब्लॉग में ले चल रहा हूं जहां सभी को हर संभव fraud का जिक्र किया जाएगा 
जहा बताया जाएगा कि लोग किस किस युक्ति का प्रयोग कर रहे है लोगो को ठगने के लिए। लोगो को ब्लैकमेल करने के लिए उनसे धन उगाही करने के लिए। ।
अगर आप सभी को लगता है की मेरा ये प्रयास एक सफल प्रयास है तो plz मेरे इस chanel को लाइक एंड सब्सक्राइब करें और शेयर करे ताकि अधिक से अधिक सामान्य लोगो तक इन सभी इन्फॉर्मेशन को पहुंचाया जा सके और लोग इसका फायदा उठा सके और froud से बच सकें। 
इसके लिए मैं जगह जगह से fraud की इन्फॉर्मेशन और सच्ची घटनाओं का जिक्र यहां करता हूं और analyst करके आप सबके लिए समाज की नई नई fraud की तकनीक को लाता हूं कृपया मेरे इस मेहनत को आप सभी का सपोर्ट चाहिए। और आप लोगोंके सहयोग से मेरा ये प्रयास एक नए समाज का अंग बनेगा 
क्योंकि सब लोग इस मामले में चुप है कोई आवाज नहीं उठाना चाहता है कोई खुद को उल्लू और मूर्ख सबके सामने बनने को तैयार नहीं है। पर मैने इस बारे में सबसे पहला कदम उठाया है। कृपया अपने आस पास होने वाले fraud के बारे में भी आप मुझे chat के माध्यम से बता सकते है। हमे अगर आपकी घटना वाजिब लगती है और सबको बताने लायक लगती है तो हम अपनी टीम के साथ आएंगे और आपके इंटरव्यू के साथ आपकी घटना का भी जिक्र करेंगे। 

धन्यवाद।  
रोहित रघुवंशी

Friday, 10 February 2023

हे नाथ



हे नाथ अपनी मैं चिंता करूं क्या 
शरण में तुम्हारी मैं जो आ गया 
मैं जो आ गया
फिर क्या मैं मांगू, फिर क्या है पाना
हृदय को हमारे जो तू भा गया 
जो तू भा गया
हे नाथ अपनी मैं चिंता करूं क्या 
शरण में तुम्हारी मैं जो आ गया
मैं जो आ गया
तुम्ही से है माया, तुम्ही से तृष्णा
जो इनसे बचे तो बने वो ही कृष्णा
भीगा है तन मन, अब तेरे भजन से
मुझपे कृपा जो तू बरसा गया 
जो बरसा गया 
ही नाथ अपनी मैं परवाह करूं क्या
शरन में तुम्हारी जो मैं आ गया 
मैं आ गया
हे नाथ अपनी मैं चिंता करूं क्या 
शरण में तुम्हारी मैं जो आ गया 
मैं जो आ गया
फिर क्या मैं मांगू, फिर क्या है पाना
हृदय को हमारे जो तू भा 
जो तू भा गया
हे नाथ अपनी मैं चिंता करूं क्या 
शरण में तुम्हारी मैं जो आ गया
मैं जो आ गया
बना दो अब राधा, बना दो या मीरा 
ये अपने गले का, बना लो तुम हीरा 
भले मीट भी जाए, ये अस्तित्व मेरा
ये जीवन अब मुझको, समझ आ गया 
समझ आ गया 
हे नाथ अपनी, मैं चिंता करूं क्या 
शरण में तुम्हारी, मैं जो आ गया 
मैं जो आ गया
फिर क्या मैं मांगू, फिर क्या है पाना
हृदय को हमारे, जो तू भा 
जो तू भा गया

Friday, 10 June 2022

"ये आखिरी मुलाकात हो तो अच्छा हो"

अब लौट जाना चाहते है तेरे रास्ते से
ये आखिरी मुलाक़ात हो तो अच्छा है। 
अब कोई शिकवा नहीं कोई शिकायत नहीं 
ये आखिरी बात हो तो अच्छा हो।  

कब तक बेगैरत की तरह हमे मजबूर करोगे आप ?
कब तक अपराधी दिखा मशहूर करोगे आप ?
जा मिलो उससे, जो आपसा ही सच्चा हो
ये आखिरी मुलाकात हो तो अच्छा हो
ये आखिरी बात हो तो अच्छा हो। 

कुछ दर्द दिल में, जज्ब करना ही बेहतर
कुछ अश्रु दिलमें, अब्र करना ही बेहतर
कुछ ज़ख्म दिखते है तो,  हो जाते है बदतर
करके सारे गुनाह,  वो दिखाते है खुद को मानो बच्चा हो
ये आखिरी मुलाकात हो तो अच्छा हो
ये आखिरी बात हो तो अच्छा हो। 

हमने भी खुद को अब सम्हाल रखा है
जेहन में अपने सारे सवाल रक्खा है। 
रुखसत हो जाओ अब सीने से दिल भी निकाल रक्खा है। 
ये आखिरी मुलाकात हो तो अच्छा हो
ये आखिरी बात हो तो अच्छा हो। 





    

Tuesday, 11 January 2022

समंदर




आज समंदर से मिला 

बड़ा बेचैन था वो

कुछ कहना चाहता हो जैसे 

कुछ खो दिया हो जैसे 

कुछ पाना चाहता हो जैसे 

कोई छोड़ गया हो जैसे 

कहीं जाना चाहता हो जैसे 

जैसे कुछ सदमे जो भुला नहीं पा रहा हो 

कोई दूर चला गया हो जैसे  

जिसे बुला नहीं पा रहा हो जैसे 

पर जाने क्यू 

ये बेचैनी कुछ जानी पहचानी सी थी 

मै देखता रह गया, सोचता रह गया

कुछ सुलझा नहीं पा रहा था मैं । 


प्रदीप रघुवंशी 

Wednesday, 5 January 2022

सब माटी कर दिया

सब करके भी उसने
एक जरा सी बात पर
सब माटी कर दिया 

वो जो बेकार था बेगैरत था
जिसको सबने ठुकराया था 
हमने उसको अपना थाती कर लिया 

कही बोझिल ना हो जाए तू मुझसे इसीलिए
सब निभा कर भी हमने रस्में वफ़ा
जरा सा इश्क अपना बाकी कर दिया 

Tuesday, 7 December 2021

अभी भी सीख रहा हुं मै

अभी भी सीख रहा हुं मै
लोगो अक्सर मुझे बना जाते है
हर बार कुछ नया सबक दिखा जाते है
अभी भी सीख रहा हुं मै

विस्वास हर बार छला जाता है 
गलती उनकी नही सिर्फ मेरी है
अभी परिपक्व नहीं हूं  
जो हर बार इसी रास्ते चला आता हूं 
अभी भी सीख रहा हुं मै

अब छोभ भी नही होता 
पहले होता था, अब क्रोध भी नहीं होता
अब ठगे जाने में भी आनंद ढूंढ लिया है मैने
अभी भी सीख रहा हुं मै

 इस खेल में हार जीत नही मायने रखती
बस अच्छा खेलना होता है।
हार ठगने की है  ठगा जाने वाला ही 
असली विजेता होता  है
ऐसा मुझे लगता है पर 
अभी भी सीख रहा हुं मैं ।

Saturday, 27 November 2021

खामोशी


खामोशी गवाह है
की इंसान ने सिख ली है 
एक नई भाषा

खामोशी गवाह है
की संवेदनशीलता 
और गहरी हो गई है

खामोशी गवाह है
इंसान ने समझ लिया है
कोई मर्म नही रहा सिर्फ बोलने में

खामोशी गवाह है
तूफान बहोत गुजरा है
उसके अस्तित्व को छूकर

खामोशी गवाह है
की अहंकार जल गया है 
अब धू धू कर

खामोशी गवाह है
परिपक्वता की 
खामोशी गवाह है
एक अनूठे वक्ता की



प्रदीप रघुवंशी

Monday, 23 August 2021

“आसान है क्षमा मांग लेना”

 


बहोत ही आसान होता है विनम्रता से क्षमा मांग लेना

बस एक झीना सा पर्दा होता है अभिमान का

और वो भी अभिमान किसका “पता नहीं”

उसे हटाना है और कहना है “मै क्षमा प्रार्थी हूँ अपनी सभी गलतियों के लिए

मेरा इरादा ऐसा नहीं था”

बस देखा ! बहोत ही आसान होता है किसी से क्षमा मांग लेना

क्या फर्क पड़ता है कौन दोषी है किसकी कितनी गलती है ?

कौन कितना सच्चा कितना झूठा है ?

सब बिना अर्थ की बातें है ना कुछ हासिल होना है ना ही कुछ खोना है

जबकि क्षमा आपको सिर्फ देती है

कभी विनम्रता का अनमोल गुण, कभी मीठे संबंध, कभी बड़े होने का भाव, कभी संबंधों की संवेदनशीलता,

और बाद में आपके साथी को अपनी गलती का एहसास

सबको पता चलता है की कौन कितना गलत है और कितना सही

बस नकारात्मक शक्तियों का प्रभुत्व कुछ ज्यादा होता है उस वक्त में

सिर्फ वो वक्त टालना है

सो क्षमा मांगों और आगे बढ़ो,

 

                                                                                Writer

प्रदीप कुमार दुबे 


Sunday, 8 August 2021

नागवार वक्त

 नागवार वक्त 


नागवार था वो वक्त,  फिर भी गुजर ही गया 

तल्खियाँ  ही थी हर शै में , मै जिधर भी गया 

कही जहमत ना बन जाए मेरा सामना उससे  

यही सोच के रास्ते में मै ठहर ही गया

कैसे कैसे सम्हाली, हमने आबरू अपनी 

कही मांग ना बैठू कुछ दिले आरज़ू अपनी 

यही सोच के हर  शख्स मुझसे डर ही गया 

नागवार था वो वक्त,  फिर भी गुजर ही गया


बुरे वक्त की भी, अजब एक कहानी है 

हर कोई सितमशियार है न कोई राजा है न रानी है 

हमको मालूम ना था,  सच की हकीकत और झूठ की कसौटी क्या है ?

जलाल का पुलिंदा भर था मैं 

अच्छा हुआ तंग आकार खुद से,  मैं मर ही गया  

नागवार था वो वक्त,  फिर भी गुजर ही गया


                                                                                                          Pradeep K. Dubey



बेटियाँ

 बेटियाँ


इनके हाथों मे आसमान दे दो

फिर भी  पैर से जमीं इनके छूटती नहीं

कैसी सख्त जान है ये बेटियाँ अपने कुटुंब की

जोड़ती है हमेशा, हर रिश्तों को, पर खुद कभी टूटती नहीं

पापा का दूसरा प्यार होती है 

मैया की दुनिया तो मानो, सदाबहार होती है

सोचता हूँ बेटियाँ न होती तो दुनिया कैसी होती ?

जैसे सारे रंग ही छिन लिए जाएं रंगोली से

जैसे जुदा कर दिया जाए हमे,  अपने हमजोली से

सबका ख्याल रखना तो इन्हे,  जैसे बचपन से आता है

ममता, प्यार, स्नेह से तो जैसे इनका जन्मों से नाता है

रौनक होती है ये सारे जहान की

इनके होने भर से खुशियां घरों से, कभी रूठती नहीं

सच इनके हाथों मे आसमान दे दो

तो भी पैरों से जमीं इनके छूटती नहीं

                                                          प्रदीप कुमार दुबे

Friday, 30 July 2021

मुंशी प्रेमचंद (एक सच्चे शिल्पकार) "Munshi Premchand (ek sachche shilpkar)"

 


एक कथाकार ही नहीं थे 

एक अच्छे शिल्पकार थे वो 

अपनी रचनाओ में सच्चाई की मिट्टी मिलाते, 

दुख-सुख का लेप लगा कुछ ऐसा दिखाते  

जो कड़वा सच था समाज का

जो आंतरिक रूप था दराज का  

कुछ ऐसे ढंग के कलाकार थे वो


आसान नहीं होता, सबके बीच रहकर 

अपने वजूद को मरने ना देना 

सब डूबे पड़े हो, पर खुद को अलग करके 

सबके जैसा बनने ना देना 

एक पैनी नजर के धनी 

एक उम्दा अदाकार थे वो 


विरोध उस वक्त व्यक्त किया 

जब कोई आवाज नहीं उठाता था 

जो लिखता लीक से हटकर 

उसके कोई साथ नहीं आता था 

अपने में सँजोये हुए एक पूरा संसार थे वो 

एक कथाकार ही नहीं थे 

एक अच्छे शिल्पकार थे वो 

"कुछ कहना है" "Kuchh Kahana Hai "


 

तुम हर बार मुझसे कहते हो 

"कुछ कहना है"

पर वो क्यू नहीं कहते ?

जो कहना है 

सारी बातें हो जाती है, पूरी मुलाकातें हो जाती हैं 

फिर कुछ बचा कैसे रह जाता है ?

जो कहना है

सब सुनता तो हूँ,

कुछ छूट कैसे जाता है ?

सब कह के भी मुझसे, 

तू रूठ कैसे जाता है ?

और फिर कहते हो मुझसे 

"कुछ कहना है"

आई का दुख-सुख, भाई की कहानी 

मोहल्ले की खबर, सखियों की जुबानी 

कॉलेज का आना-जाना, गलियों का वो ताना-बाना 

सब कुछ तो कह डाला है तुमने 

अब कह भी दो 

"जो कहना है"


Saturday, 6 February 2021

दुनियाँ मे अपने माई के बड़ाई नाही बा


 

 दुनियाँ मे अपने माई के बड़ाई नाही बा 

जे अभागा बाटे ओकरे घरवाँ माई नाही बा 

बबुआ भईने बीमार माई भूखेली तिववहार 

माई बरत मातींन जग में दवाई नाही बा 

जे अभागा बाटे ओकरे घरवाँ माई नाही बा

दुनियाँ मे अपने माई के बड़ाई नाही बा 

जे अभागा बाटे ओकरे घरवाँ माई नाही बा

जाड़ा गर्मी बरसात माई दिहलू तू साथ 

माई अचारा मतींन जग में राजाई नाही बा 

जे अभागा बाटे ओकरे घरवाँ माई नाही बा

दुनियाँ मे अपने माई के बड़ाई नाही बा 

जे अभागा बाटे ओकरे घरवाँ माई नाही बा

माई गईलू एक दिन बाउ कईने दूसर शादी 

मयभा माई मतींन जग में कसाई नाहीं बा 

जे अभागा बाटे ओकरे घरवाँ माई नाही बा

दुनियाँ मे अपने माई के बड़ाई नाही बा 

जे अभागा बाटे ओकरे घरवाँ माई नाही बा......

Friday, 30 October 2020

most beneficial things for beginning lazy.......

It's is known frequently that to be lazy is bad habits and it's count as demerit. Right but here you'll get a glimpse about a real fact that being lazy is not solely demerited you, yes obvious it is hidden. But it's true as a death.
Here we go, im going to tell you the fact about being lazy is fortunated and it also embroider  some best quality and attitude in your personality.

Saturday, 17 October 2020

Navratri festival: By making these big mistakes, negative powers will take the fruits of your worship.


  

Navratri festival: By making these big mistakes, negative powers will take the fruits of your worship.



 

Navratri has arrived. These days many people are fasting. But do you know that the 9-day Navratri fast of Maa Durga is accomplished with great restraint and discipline. Therefore, if you want to please the Mother Goddess during Navratri, then avoid these activities.

 

Do not forget these big mistakes even during Navratri otherwise Mata Rani gets angry.

 

 

1. It is prohibited to sleep in the day during Navratri festival.

 

2. Do not use scissors for nine days, nails and hair  should not be cut in Navratri.

 

3. People who have fast should not use leather items like belts, slippers, shoes, bags.

 

4. Those who keep fast for nine days should not eat onion, garlic and non-veg, it is called evil tempered (tamsik) food.

 

5. One should not wear dirty and filthy clothes in Navratri.

 

6. Those who keep Navratri should not get beard-moustache and hair cut.

 

7. Those keeping the fast should not cut lemon for nine days.

 

8. Food and salt should not be consumed during fasting for nine days.

 

9. If unbroken lights are being lit in Navratri, then these days do not leave the house empty and keep the aarti and incense burning both times.

 

10. Consume the fruit sitting at the same place and do not eat frequently.

 

11. Do not make the mistake of speaking or getting up in the middle of Saptashati or Durga Chalisa. This leads to negative powers.

 

12. Don’t make a physical relation during Navratri fast.

 

13. Many people chew tobacco for the satisfaction of the mind, but do not make this mistake during fast. Fast is troubled by addiction.

14. During Navaratri, in the morning, meditate after bathing and recite pooja, worshiping after noon is not considered appropriate.

 

15. complaint, lie, greed should not come in the mind and all the time your time should be involved in the prayer of mother Goddess Durga.


 

Wednesday, 28 August 2019

मूलयवान

गैरो को तो छोडो खुद से तो ईमानदार रहो
बेईमान होना आसान है पर पर खुद से तो ऐसा न करो
सामर्थ्य है, तो सहयोगी बनो
असमर्थता पर भी चुप न रहो
कीमत यहाँ  तुम्हारी है ,और तुम्हारे  अस्तित्व की है
कुछ अच्छा करो और अपनी नज़र में मूलयवान बनो
हमने ये जीवन यूँ ही तो पाया नहीं
अभी है बहोत वक्त सबकुछ तो गवांया नहीं.